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	<title>कार्यकारिणी &#8211; अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान ( विद्यालय शिक्षा)</title>
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		<title>प्रार्थना सभा से बच्चों में संस्कारवान शिक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों की स्थापना हो- हनुमान सिंह राठौड़</title>
		<link>https://abrsmrajasthan.org/prarthana/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[CP Kurmi]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 26 Jun 2026 16:25:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कार्यकारिणी]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[वार्ता]]></category>
		<category><![CDATA[संगठन समाचार]]></category>
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					<description><![CDATA[प्रेस विज्ञप्ति सादर प्रकाशनार्थ ज्येष्ठ शुक्ल १२ विक्रम संवत २०८३ (26 जून 2026, शुक्रवार) ABRSM (विद्यालय शिक्षा) राजस्थान- प्रदेश स्तरीय प्रभावी प्रार्थना सभा कार्यशाला संपन्न..! कार्यशाला में [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>प्रेस विज्ञप्ति सादर प्रकाशनार्थ</p>
<p>ज्येष्ठ शुक्ल १२ विक्रम संवत २०८३<br />
(26 जून 2026, शुक्रवार)</p>
<p>ABRSM (विद्यालय शिक्षा) राजस्थान- प्रदेश स्तरीय प्रभावी प्रार्थना सभा कार्यशाला संपन्न..!</p>
<p>कार्यशाला में राजस्थान के प्रत्येक जिलों के प्रतिनिधियों सहित शिक्षा जगत के अनेक पदाधिकारी और शिक्षक बंधु उपस्थित रहे।</p>
<p>अजमेर, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) के तत्वावधान में आयोजित &#8221; प्रभावी प्रार्थना सभा राज्य स्तरीय कार्यशाला&#8217; का भव्य उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान के अध्यक्ष श्री हनुमान सिंह राठौड़ उपस्थित रहे। विद्यालय में प्रार्थना सभा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उद्घाटन सत्र के मुख्य वक्ता एवं माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष श्री हनुमान सिंह राठौड़ ने कहा कि प्रार्थना सभा केवल एक दैनिक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह वह धुरी है जिससे बच्चों में संस्कारवान शिक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों की स्थापना होती है। शिक्षकों को अपने व्यवहार एवं आचरण से बालकों के सामने श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत करने चाहिए, क्योंकि शिक्षक ही बालकों के लिए अनुकरणीय होते हैं। हमारा संकल्प होना चाहिए कि &#8216;हमारा विद्यालय हमारा तीर्थ बने&#8217; और इसका प्रारंभ प्रभावी प्रार्थना सभा से ही होता है। अतः हम सभी शिक्षकों को यह प्रयास करना चाहिए कि हमारे विद्यालय की प्रार्थना सभाएं अत्यंत श्रेष्ठ, ऊर्जावान एवं प्रभावी बनें।&#8221;</p>
<h2 id="caption" class="jsx-1837976740 summary-section newsroom-summary-section article-page__desc article-page__desc-nonEn">आरबीएसई अध्यक्ष हनुमान​ सिंह राठौड़ ने कहा कि बच्चों को मोबाइल का विवेकपूर्ण उपयोग करना सिखाएं.</h2>
<p>बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष हनुमान सिंह राठौड़ ने बातचीत में बताया कि &#8216;हमारा विद्यालय— हमारा तीर्थ&#8217; योजना को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी संगठन ने ली है. शिक्षक राष्ट्र और विद्यालय के लिए होता है, लेकिन विद्यालय को तीर्थ बनाने वाले विद्यार्थी होते हैं. विद्यालयों से निकलने वाले बच्चे भविष्य में सभ्य नागरिक बनें, इसलिए भावी युवा पीढ़ी का निर्माण आवश्यक है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास की बात की जा रही है, उससे आगे बढ़कर संगठन यह नवाचार कर रहा है. उपनिषदों में भी कहा गया है कि विद्यार्थियों का पंचकोशीय विकास होना चाहिए. इनमें अन्नमय, प्राणमय, मनोमय, विज्ञानमय और आनंदमय कोश शामिल हैं.</p>
<p>राठौड़ ने कहा कि सोशल मीडिया का अनुशासन चर्चा का विषय है. सोशल मीडिया को रोका जाए तो ज्यादा विस्फोट होगा. लिहाजा, संगठन ने विचार किया है कि विद्यार्थियों को रोकने की बजाय उन्हें शिक्षा और नैतिक चरित्र के लिए सोशल मीडिया का उपयोग करना और उससे जुड़ा कंटेंट खोजना सिखाया जाए. सोशल मीडिया पर विद्यार्थी क्या देखें, इसकी बजाय यह जरूरी है कि क्या न देखें. उसके प्रति अनुशासन विद्यार्थियों में कायम करने की कोशिश की जा रही है. विद्यार्थियों में सोशल मीडिया का अनुशासन लाने के लिए पहले शिक्षकों को स्वयं पर अनुशासन लाना होगा. शिक्षक स्वयं मोबाइल देखेंगे तो वह विद्यार्थियों को नहीं रोक सकते. घर में अभिभावक मोबाइल देख रहे हैं तो वह अपने बच्चों को मोबाइल देखने से मना नहीं कर सकते. अनुशासन रखना है तो मोबाइल को &#8216;कर्णपिशाच&#8217; मानकर ही उपयोग करना सीखना होगा, यानी उसको काबू करने का मंत्र भी जानना होगा.</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-10525" src="https://rssrashtriya.org/wp-content/uploads/2026/06/Prarthana-1.jpeg" alt="" width="1280" height="960" srcset="https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2026/06/Prarthana-1.jpeg 1280w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2026/06/Prarthana-1-300x225.jpeg 300w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2026/06/Prarthana-1-1024x768.jpeg 1024w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2026/06/Prarthana-1-768x576.jpeg 768w" sizes="(max-width: 1280px) 100vw, 1280px" />सत्र की अध्यक्षता करते हुए संगठन के प्रदेश महामंत्री श्री महेंद्र कुमार लखारा ने कहा कि &#8220;शिक्षकों का यह दायित्व है कि वे प्रार्थना सभा को केवल ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी बनाएं। उन्होंने कहा कि &#8220;यदि हम प्रार्थना सभा के समय का सही एवं योजनाबद्ध उपयोग कर लें, तो हम एक अनुशासित, संवेदनशील और संस्कारित भावी पीढ़ी का निर्माण कर सकते हैं। हमारे संगठन का मुख्य उद्देश्य हर विद्यालय तक इस चेतना को पहुँचाना है ताकि आने वाली पीढ़ी अपनी संस्कृति, नैतिक मूल्यों और देश की गौरवशाली जड़ों से मजबूती से जुड़ी रहे।&#8221;</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-10526" src="https://rssrashtriya.org/wp-content/uploads/2026/06/Prarthana-2-scaled.jpeg" alt="" width="2560" height="1153" srcset="https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2026/06/Prarthana-2-scaled.jpeg 2560w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2026/06/Prarthana-2-300x135.jpeg 300w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2026/06/Prarthana-2-1024x461.jpeg 1024w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2026/06/Prarthana-2-768x346.jpeg 768w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2026/06/Prarthana-2-1536x692.jpeg 1536w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2026/06/Prarthana-2-2048x922.jpeg 2048w" sizes="(max-width: 2560px) 100vw, 2560px" /></p>
<p>द्वितीय सत्र के मुख्य वक्ता, शिक्षाविद एवं प्रभावी प्रार्थना सभा के प्रदेश संयोजक श्री संदीप जोशी ने अपने प्रभावी उद्बोधन में प्रार्थना सभा के माध्यम से पंचकोश विकास&#8217; (अन्नमय, प्राणमय, मनोमय, विज्ञानमय और आनंदमय कोष) एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की अवधारणा को व्यापक और वैज्ञानिक रूप से समझाया। उन्होंने कहा कि प्रार्थना सभा बच्चों के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्तर को ऊंचा उठाने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावी प्रार्थना सभा विद्यार्थियों में से हताश, निराशा और दुर्बलता को दूर करके उनमें उत्साह उमंग और चिंतन के स्वस्थ दृष्टिकोण का विकास कर सकती है। उन्होंने प्रभावी प्रार्थना सभा के लिए पुस्तक संस्कार सरिता के उपयोग पर विस्तार से प्रकाश डाला। सत्र की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश कोषाध्यक्ष श्री कैलाश चंद कच्छावा ने कहा कि किसी भी रचनात्मक बदलाव को धरातल पर उतारने के लिए उचित प्रबंधन और शिक्षकों के सामूहिक सहयोग की आवश्यकता होती है। जब तक हर शिक्षक प्रार्थना सभा को संस्कार निर्माण की पहली सीढ़ी नहीं मानेगा, तब तक हम अपेक्षित परिणाम नहीं पा सकते।&#8221;</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-10527" src="https://rssrashtriya.org/wp-content/uploads/2026/06/Prarthana-3.jpeg" alt="" width="1156" height="521" srcset="https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2026/06/Prarthana-3.jpeg 1156w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2026/06/Prarthana-3-300x135.jpeg 300w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2026/06/Prarthana-3-1024x462.jpeg 1024w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2026/06/Prarthana-3-768x346.jpeg 768w" sizes="(max-width: 1156px) 100vw, 1156px" /></p>
<p><strong>&#8212; व्यावहारिक सत्र: शिक्षकों के नवाचार और श्रेष्ठ प्रयोग</strong><br />
कार्यशाला के व्यावहारिक (प्रैक्टिकल) सत्र के अंतर्गत प्रदेशभर से आए प्रतिभागी शिक्षकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यशाला में आए शिक्षकों ने व्यावहारिक सत्र के अंतर्गत अपने-अपने विद्यालयों में किए जा रहे प्रार्थना सभा से जुड़े श्रेष्ठ प्रयोगों, रचनात्मक गतिविधियों एवं विशेष नवाचारों की शानदार प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें अन्य शिक्षकों ने भी अपने विद्यालयों में लागू करने का संकल्प लिया।</p>
<p><strong>&#8212; कार्यशाला के आगामी चरण</strong><br />
इस गरिमामयी कार्यशाला में राजस्थान के सभी जिलों के चयनित शिक्षकों ने भाग लिया।<br />
आगामी योजना के तहत प्रांतीय स्तर पर इस सफल आयोजन के बाद, संगठन द्वारा दूसरे चरण में राजस्थान के सभी जिलों में इस प्रकार की जिला स्तरीय प्रभावी प्रार्थना सभा कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इन प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा अपने-अपने जिलों के विद्यालयों की प्रार्थना सभा को प्रभावी एवं संस्कारवान बनाने की दिशा में सक्रिय, निरंतर एवं व्यावहारिक प्रयास किए जा रहे हैं।</p>
<p>कार्यशाला का समापन राष्ट्रगान और उपस्थित शिक्षकों के संकल्प के साथ हुआ। कार्यक्रम का संचालन इन्द्रा शर्मा ने किया ।</p>
<p>इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष भंवर सिंह राठौड़ , जिला संगठन मंत्री सत्यनारायण शर्मा,जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह नरूका,जिला मंत्री गुमान सिंह जादौन,जिला कोषाध्यक्ष नासिर काठात सहित अनेक कार्यकर्त्ता बंधु उपस्थित रहे।</p>
<p>सादर!</p>
<p>~जिला मीडिया प्रकोष्ठ अजमेर</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>केंद्रीय शिक्षा मंत्री से मिला राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का प्रतिनिधिमंडल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 26 Jun 2026 16:12:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कार्यकारिणी]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[वार्ता]]></category>
		<category><![CDATA[संगठन समाचार]]></category>
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					<description><![CDATA[जयपुर (रामफूल मीणा)। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात कर विद्यालयी एवं उच्च शिक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>जयपुर (रामफूल मीणा)। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात कर विद्यालयी एवं उच्च शिक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षक समाज और शिक्षा जगत की प्रमुख चिंताओं से मंत्री को अवगत कराते हुए कई विषयों पर सकारात्मक पहल की अपेक्षा जताई। बैठक में वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। महासंघ के प्रतिनिधियों ने इस संबंध में शिक्षक समाज की चिंताओं, विधिक पहलुओं, प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों और मानवीय दृष्टिकोण को सामने रखते हुए लंबे समय से सेवाएं दे रहे शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए संवेदनशील एवं व्यावहारिक निर्णय लेने का आग्रह किया। प्रतिनिधिमंडल ने विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक-2025 को लेकर भी अपने सुझाव केंद्रीय शिक्षा मंत्री के समक्ष रखे। चर्चा के दौरान उच्च शिक्षा संस्थानों की स्वायत्तता, गुणवत्ता संवर्धन, शिक्षक हितों की सुरक्षा, पारदर्शिता एवं जवाबदेही, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया गया। महासंघ का मानना है कि प्रस्तावित विधेयक भारतीय उच्च शिक्षा व्यवस्था को अधिक सक्षम, समावेशी और राष्ट्रहितकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।</p>
<p>बैठक में उच्च शिक्षा से जुड़े लंबित मामलों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। महासंघ ने कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (सीएएस) में आ रही समस्याओं, पीएचडी कर रहे शिक्षकों के समक्ष मौजूद चुनौतियों, शोध परियोजनाओं और शोध अनुदान की उपलब्धता, महाविद्यालयों एवं छोटे राज्य विश्वविद्यालयों में अनुसंधान अवसरों के विस्तार, रिक्त पदों की शीघ्र भर्ती तथा आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता को प्रमुखता से रखा। प्रतिनिधिमंडल ने इन विषयों पर समयबद्ध समाधान और आवश्यक नीतिगत हस्तक्षेप की मांग की। केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना तथा शिक्षा और शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में महासंघ के अध्यक्ष प्रो. नारायण लाल गुप्ता, महामंत्री प्रो. गीता भट्ट, संगठन मंत्री महेंद्र कपूर, सह संगठन मंत्री जी. लक्ष्मण, वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेंद्र कुमार, विद्यालय शिक्षा प्रभारी शिवानंद सिंदनकेरा तथा अतिरिक्त महामंत्री मोहन पुरोहित शामिल रहे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) का प्रतिनिधिमंडल शिक्षा सचिव से मिला।</title>
		<link>https://abrsmrajasthan.org/varta-13-01-2026/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[CP Kurmi]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 13 Jan 2026 12:06:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[General]]></category>
		<category><![CDATA[कार्यकारिणी]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[वार्ता]]></category>
		<category><![CDATA[संगठन समाचार]]></category>
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					<description><![CDATA[जयपुर, 13 जनवरी 2026 राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा के नेतृत्व में शासन सचिव (स्कूल शिक्षा) कृष्ण कुणाल से शिक्षा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>जयपुर, 13 जनवरी 2026</p>
<p>राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा के नेतृत्व में शासन सचिव (स्कूल शिक्षा) कृष्ण कुणाल से शिक्षा संकुल स्थित कार्यालय में वार्ता की। महामंत्री महेंद्र लखारा ने बताया कि संगठन ने शिक्षकों की लंबित पदोन्नतियों विशेष रूप से तृतीय वेतन श्रृंखला के शिक्षकों की तथा द्वितीय वेतन श्रंखला, व्याख्याता आदि के विषय में चर्चा की सचिव महोदय ने 31 मार्च 2026 तक सभी संवर्ग की पदोन्नतियां करने का आश्वासन दिया। संगठन ने 31 दिसंबर के पश्चात नियुक्त शिक्षकों को समस्त परिलाभ नियुक्ति तिथि से ही देने की मांग की जिस पर सचिव महोदय ने न्यायालय प्रकरणों पर विभाग द्वारा प्रस्ताव तैयार कर वित्त विभाग को भिजवाने की बात कही। वार्ता में स्टाफिंग पैटर्न को लेकर चर्चा हुई जिसमें नवीन सत्र से स्टाफिंग पैटर्न लागू करने पर सैद्धांतिक सहमति बनी। नवीन सत्र प्रारंभ होने से पूर्व व्याख्याताओं के स्वीकृत रिक्त पदों को भरने का आश्वासन प्राप्त हुआ। सेवारत शिक्षकों के द्वारा पत्राचार से B.Ed करने पर इंटर्नशिप के दौरान वेतन नहीं काटने की संगठन की मांग पर परीक्षण करवा करके राहत प्रदान करने पर भी सहमति बनी।</p>
<p>अतिरिक्त महामंत्री बसन्त जिन्दल ने बताया कि बाल गोपाल दुग्ध योजना में पाउडर के दूध स्थान पर बालकों को नाश्ते के रूप में मिलेट्स बार दिए जाने की बात कही जिस पर सचिव महोदय ने प्रस्ताव भिजवाने की बात कही।</p>
<p>महात्मा गांधी अंग्रेजी विद्यालयों में प्रतिस्थापन से शेष रहे शैक्षणिक व अशैक्षणिक स्टाफ को शीघ्र नियुक्त करने पर सहमति बनी।</p>
<p>माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार TET की अनिवार्यता भूतलक्ष्यी प्रभाव से लागू नहीं की जाकर भविष्यलक्ष्यी प्रभाव से की जावे इस विषय में सरकार की ओर से पुनर्विचार याचिका दायर करने की बात कही जिस सचिव महोदय ने सहमति प्रदान की।</p>
<p><strong>शिक्षक हितों के लिए बड़ी उपलब्धि</strong></p>
<p>राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) एवं शिक्षा सचिव के बीच महत्वपूर्ण वार्ता, दिनांक: 13 जनवरी 2026 | स्थान: शिक्षा संकुल, जयपुर</p>
<p><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/2705.png" alt="✅" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> <strong>वार्ता के प्रमुख निर्णय एवं आश्वासन</strong></p>
<ol>
<li><strong>पदोन्नति (DPC):</strong> 31 मार्च 2026 तक सभी संवर्गों (तृतीय श्रेणी, द्वितीय श्रेणी, व्याख्याता) की लंबित पदोन्नतियां पूर्ण की जाएंगी।</li>
<li><strong>स्टाफिंग पैटर्न:</strong> नवीन शैक्षणिक सत्र से प्रदेश में नया स्टाफिंग पैटर्न लागू करने पर सैद्धांतिक सहमति।</li>
<li><strong>रिक्त पदों पर भर्ती:</strong> नया सत्र शुरू होने से पहले व्याख्याताओं के स्वीकृत रिक्त पदों को भरने का आश्वासन।</li>
<li><strong>आर्थिक परिलाभ:</strong> 31 दिसंबर के बाद नियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति तिथि से परिलाभ देने हेतु वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजा जाएगा।</li>
<li><strong>B.Ed इंटर्नशिप:</strong> पत्राचार से B.Ed करने वाले सेवारत शिक्षकों के इंटर्नशिप के दौरान वेतन कटौती नहीं करने पर परीक्षण कर राहत दी जाएगी।</li>
<li><strong>बाल गोपाल योजना:</strong> पाउडर दूध के स्थान पर अब &#8216;मिलेट्स बार&#8217; (पौष्टिक नाश्ता) देने का प्रस्ताव तैयार होगा।</li>
<li><strong>TET अनिवार्यता:</strong> सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विरुद्ध TET को भूतलक्ष्यी प्रभाव (पुरानी तारीख) से लागू न करने हेतु सरकार पुनर्विचार याचिका दायर करेगी।</li>
<li><strong>महात्मा गांधी विद्यालय:</strong> अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में शेष रहे शैक्षणिक व अशैक्षणिक स्टाफ की नियुक्तियां शीघ्र होंगी।</li>
</ol>
<p><strong>नेतृत्व एवं सहभागिता</strong></p>
<p>रमेश चंद्र पुष्करणा (प्रदेश अध्यक्ष),  महेंद्र लखारा (महामंत्री),  बसन्त जिन्दल (अतिरिक्त महामंत्री)</p>
<p>&gt; &#8220;शिक्षक स्वाभिमान और अधिकारों के लिए सदैव तत्पर&#8221;</p>
<p>राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय)</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>प्रदेश शैक्षिक सम्मेलन (19-20 दिसंबर 2025)  स्थान: लियो इंटरनेशनल संस्थान, लियो सर्कल, डांगपाड़ा, बांसवाड़ा</title>
		<link>https://abrsmrajasthan.org/sammelan-2/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[CP Kurmi]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 17 Dec 2025 02:35:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[General]]></category>
		<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[कार्यकारिणी]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[संगठन समाचार]]></category>
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					<description><![CDATA[🚩प्रथम दिन की गतिविधियां🚩 श्रद्धेय श्री जयदेव पाठक स्मृति व्याख्यान माला दिनांक एवं वार: 19 दिसम्बर, 2025, शुक्रवार, पौष मास, कृष्ण पक्ष अमावस्या, वि.सं. 2082 समय: प्रातः [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div dir="auto">
<p><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f6a9.png" alt="🚩" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" />प्रथम दिन की गतिविधियां<img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f6a9.png" alt="🚩" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /></strong></p>
<p><strong>श्रद्धेय श्री जयदेव पाठक स्मृति व्याख्यान माला</strong></p>
<p>दिनांक एवं वार: 19 दिसम्बर, 2025, शुक्रवार, पौष मास, कृष्ण पक्ष अमावस्या, वि.सं. 2082</p>
<p>समय: प्रातः 10:00 बजे <img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f559.png" alt="🕙" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /></p>
<p>मुख्य वक्ता: माननीय हनुमान सिंह जी राठौड़, क्षेत्रीय कार्यकारणी सदस्य, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राजस्थान</p>
<p>उद्घाटन सत्र: शुक्रवार, 19 दिसम्बर, 2025 पौष मास कृष्ण पक्ष अमावस्या वि.सं. 2082 । प्रातः 11:30 बजे<img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f566.png" alt="🕦" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /></p>
<p>आशीर्वचन: श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी जी महाराज, उत्तम सेवा धाम, बांसवाड़ा</p>
<p>मुख्य अतिथि: माननीय मदन जी दिलावर, शिक्षा मंत्री, राजस्थान सरकार</p>
<p>मुख्य वक्ता: माननीय महेन्द्र जी कपूर, राष्ट्रीय संगठन मंत्री, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ</p>
<p>अति विशिष्ट अतिथि: माननीय शंकरलाल जी माली, प्रांत कार्यवाह, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, चित्तौड़ प्रान्त</p>
<p>अध्यक्षता: माननीय रमेश चन्द्र जी पुष्करणा, प्रदेश अध्यक्ष, राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय)</p>
</div>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-10453" src="https://rssrashtriya.org/wp-content/uploads/2025/12/1.jpeg" alt="" width="482" height="772" /> <img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-10454" src="https://rssrashtriya.org/wp-content/uploads/2025/12/2.jpeg" alt="" width="491" height="774" /></p>
<div dir="auto">
<p><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f6a9.png" alt="🚩" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> द्वितीय दिवस की गतिविधियां <img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f6a9.png" alt="🚩" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /></strong></p>
<p><strong><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f341.png" alt="🍁" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f33b.png" alt="🌻" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> समारोप-सत्र <img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f33b.png" alt="🌻" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> <img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f341.png" alt="🍁" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /></strong></p>
<p>वार,दिनांक और तिथि: शनिवार, 20 दिसम्बर, 2025 पौष मास शुक्ल पक्ष प्रतिपदा वि.सं. 2082</p>
<p>समय: प्रातः 11:00 बजे</p>
<p>स्थानः लियो इंटरनेशनल संस्थान, लियो सर्कल, डांगपाड़ा, बांसवाड़ा</p>
<p>आशीर्वचन: श्रद्धेय महंत श्री अच्युतानन्द जी महाराज, पीठाधीश्वर, बेणेश्वर हरि मन्दिर, साबला, डूंगरपुर</p>
<p>मुख्य अतिथि: माननीय भजनलाल जी शर्मा, मुख्यमंत्री, राजस्थान सरकार</p>
<p>मुख्य वक्ता: माननीय प्रो. नारायण लाल जी गुप्ता, राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ</p>
<p>अति विशिष्ट अतिथि: 1.माननीय महेन्द्र जी कपूर, राष्ट्रीय संगठन मंत्री, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ</p>
<p>2. माननीय बाबूलाल जी खराड़ी, मंत्री, जनजातीय विकास एवं गृह रक्षा विभाग, राजस्थान सरकार</p>
<p>अध्यक्षता: माननीय रमेश चन्द्र जी पुष्करणा, प्रदेश अध्यक्ष, राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय)</p>
<p>कार्यक्रम में आपकी उपस्थिति सादर प्रार्थनीय है।</p>
<p>-:विनीत:-</p>
<p>रमेश चन्द्र पुष्करणा, अध्यक्ष<br />
सम्पत सिंह, सभाध्यक्ष<br />
महेन्द्र कुमार लखारा, महामंत्री<br />
देवी लाल पाटीदार, प्रदेश उपाध्यक्ष<br />
डॉ. ऋषिन चौबीसा, संयोजक<br />
दिनेश चन्द्र मईडा, सह-संयोजक</p>
</div>
<div dir="auto"></div>
<div dir="auto"><strong>राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के शैक्षिक सम्मेलन की तैयारियों को लेकर मंथन: सफल आयोजन हेतु बनी कमेटियाँ</strong></div>
<div dir="auto"><strong>संगठन की रीति-नीति ही सफलता का मूल मंत्र: महेंद्र कुमार लखारा</strong></div>
<div dir="auto"></div>
<div dir="auto">
<div dir="auto">बांसवाड़ा &#8211; राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय का दो दिवसीय प्रदेश शैक्षिक सम्मेलन इस वर्ष 19 और 20 दिसंबर को बांसवाड़ा स्थित लियो संस्थान परिसर में भव्यता के साथ आयोजित होने जा रहा है। इस महत्वपूर्ण आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप देने और रणनीति बनाने के लिए रविवार को लियो संस्थान के कॉन्फ्रेंस हॉल में एक आवश्यक तैयारी बैठक आयोजित की गई।</div>
<div dir="auto">जिला मंत्री जयदीप पाटीदार ने बताया कि बैठक की अध्यक्षता राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय बांसवाड़ा संभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष देवीलाल पाटीदार ने की। इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जिनका प्रभावी मार्गदर्शन बैठक का मुख्य केंद्र रहा। विशिष्ट अतिथियों में शैक्षिक सम्मेलन के संयोजक डॉ. ऋषिन चौबीसा, सह संयोजक एवं जिलाध्यक्ष दिनेश मईडा, संभाग संगठन मंत्री दिलीप पाठक, और विभाग संगठन मंत्री प्रवीण जैन शामिल रहे।</div>
<div dir="auto">मुख्य अतिथि प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा ने अपने उद्बोधन में शैक्षिक सम्मेलन की तैयारियों के दौरान मार्गदर्शन करते हुए कहा कि किसी भी वृहद आयोजन की सफलता कार्यकर्ताओं के सामूहिक और समर्पित प्रयास पर निर्भर करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमारा सर्वोच्च दायित्व संगठन की निर्धारित रीति-नीति का अक्षरशः पालन करना है।</div>
<div dir="auto">लखारा ने कहा, &#8220;शिक्षक संघ राष्ट्रीय एक परिवार है, और इस परिवार के कार्यकर्ता होने के नाते हमें अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ऊपर उठकर काम करना होगा।&#8221; उनका मार्गदर्शन इस बात पर केंद्रित था कि प्रत्येक सदस्य अपनी जिम्मेदारी को समझे और ईमानदारी से उसका निर्वहन करे। उन्होंने कहा कि सम्मेलन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शिक्षक हित और शैक्षणिक गुणवत्ता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रदर्शन है।</div>
<div dir="auto">उन्होंने कार्यकर्ताओं को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें अपनी भूमिका को केवल एक आयोजक तक सीमित न रखते हुए, शिक्षक समुदाय के प्रतिनिधि के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने पारदर्शिता, समर्पण, और समयबद्धता को सफलता का मूल मंत्र बताया। लखारा के विचार कार्यकर्ताओं को सम्मेलन के सफल और प्रभावशाली आयोजन के लिए एक स्पष्ट दिशा और प्रेरणा प्रदान करते हैं।</div>
<div dir="auto"></div>
<div dir="auto"><strong>सफल आयोजन हेतु बनी कमेटियाँ</strong></div>
<div dir="auto">प्रदेश शैक्षिक सम्मेलन के संयोजक डॉ ऋषिन चौबीसा ने बैठक का ब्यौरा देते हुए बताया कि तैयारी बैठक में प्रदेश शैक्षिक सम्मेलन के विभिन्न आयामों – जैसे आवास व्यवस्था, भोजन, मंच संचालन, अतिथियों का स्वागत, प्रचार-प्रसार, सांस्कृतिक कार्यक्रम, जल व्यवस्था और प्रदर्शनी आदि पर विस्तार से चर्चा की गई।</div>
<div dir="auto">सम्मेलन को सुव्यवस्थित और सफलतापूर्वक आयोजित करने हेतु विभिन्न महत्वपूर्ण कमेटियों का गठन किया गया। इन कमेटियों में प्रदेश, संभाग और जिला स्तर के वरिष्ठ पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। संयोजक ने बताया कि सभी कमेटियाँ अब अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा के साथ निभाते हुए आयोजन को सफल बनाने के लिए जुट जाएंगी।</div>
<div dir="auto">बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों ने प्रदेश महामंत्री के मार्गदर्शन पर चलने और इस आयोजन को राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के इतिहास का एक अविस्मरणीय और सफल आयोजन बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।</div>
<div dir="auto">इस अवसर पर डूंगरपुर जिलाध्यक्ष शंकरलाल कटारा, प्रतापगढ़ जिलाध्यक्ष देवीलाल निनामा, संभाग मीडिया संयोजक आशीष उपाध्याय, जिला संगठन मंत्री कमलसिंह सोलंकी, सुदर्शन सिंह चौहान, कालूराम मीणा, गोपाल लाल मीणा, हीना शर्मा, रमेशचन्द्र पाटीदार, मोहनलाल शर्मा, वजीर खान पठान, रमेशचन्द्र व्यास, बंसीलाल डिंडोर, सरदार सिंह कटारा, जनक भट्ट, जयेश उपाध्याय, अशोक मईडा, बहादुर पारगी,अनिल भट्ट, भरत माधविया, शिवचरण मीणा, पृथ्वीसिंह पड़वाल, शंकरलाल भगोरा, सरदारसिंह डामोर, परमेश्वर पाटीदार, जोधासिंह गवारिया सहित बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ जिले के प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित रहे।</div>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>हमारा विद्यालय हमारा तीर्थ संकल्पना को लेकर शिक्षक संघ राष्ट्रीय की दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ पुष्कर में</title>
		<link>https://abrsmrajasthan.org/hvht/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[CP Kurmi]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 09 Dec 2025 02:44:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[General]]></category>
		<category><![CDATA[कार्यकारिणी]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[वार्ता]]></category>
		<category><![CDATA[संगठन समाचार]]></category>
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					<description><![CDATA[राजकीय विद्यालयों में शैक्षिक माहौल बदलने और गौरव बढ़ाने के लिए राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय की अनूठी पहल पौष मास कृष्ण पक्ष चतुर्थी विक्रम संवत 2082 सोमवार,दिनांक:08/12/2025 [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>राजकीय विद्यालयों में शैक्षिक माहौल बदलने और गौरव बढ़ाने के लिए राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय की अनूठी पहल</strong></p>
<p>पौष मास कृष्ण पक्ष चतुर्थी विक्रम संवत 2082 सोमवार,दिनांक:08/12/2025</p>
<p>अजमेर।राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय की हमारा विद्यालय हमारा तीर्थ विषय को लेकर दो दिवसीय प्रदेश स्तरीय कार्यशाला का शुभारंभ तीर्थराज पुष्कर में सोमवार से हुआ।संगठन के प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा ने बताया कि संगठन ने प्रदेश के विद्यालयों को हमारा विद्यालय हमारा तीर्थ अभियान से आदर्श व्यवस्था स्थापित करने के लिए आठ और नौ दिसम्बर को आयोजित कार्यशाला में प्रत्येक जिले से तीन शिक्षक भाग ले रहे हैं।<br />
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा ने कहा कि प्रथम दिवस को कुल पांच सत्र आयोजित हुए जिनमें प्रमुख विषय हमारा विद्यालय हमारा तीर्थ संकल्पना और पृष्ठभूमि,तीर्थ बनाने के शिल्प &#8211; विद्यालय में शैक्षिक और सांस्कृतिक आयामो की रचना,प्रभावी प्रार्थना सभा और प्रेरणा सत्र,शिक्षक संगठन के कार्यकर्ताओं की भूमिका &#8211; विद्यालय को तीर्थ में बदलने का सेतु,21 वीं सदी में विद्यार्थी कौशल चुनौतियां और समाधान रहे।उद्घाटन सत्र में मोहन लाल पुरोहित अतिरिक्त महामंत्री अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने कहा कि मैकाले की शिक्षा पद्धति ने शिक्षा को धनोपार्जन का लक्ष्य बना दिया जिसने देश के नागरिकों में राष्ट्रहित को भुलाकर अपना हित सिद्ध करने का भाव जगाया।विद्यालय केवल एक भवन नहीं और शिक्षक केवल वेतन भोगी कार्मिक नहीं है वह राष्ट्र निर्माता है,इस प्रकार के भाव जगाने के लिए हमारा विद्यालय हमारा तीर्थ प्रकल्प संगठन द्वारा चलाया गया है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-10447" src="https://rssrashtriya.org/wp-content/uploads/2025/12/photo-collage.png.jpg" alt="" width="1080" height="1080" srcset="https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/12/photo-collage.png.jpg 1080w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/12/photo-collage.png-300x300.jpg 300w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/12/photo-collage.png-1024x1024.jpg 1024w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/12/photo-collage.png-150x150.jpg 150w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/12/photo-collage.png-768x768.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 1080px) 100vw, 1080px" /><br />
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय कार्यकारणी सदस्य हनुमान सिंह राठौड़ ने विद्यालय को तीर्थ बनाने के लिए विद्यालय के भौतिक परिवेश में सुधार/परिवर्तन,नवीन निर्माण,कक्षा कक्ष व परिसर को आदर्श बनाने,शैक्षिक परिवेश व आदर्श प्रार्थना सभा सहित महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।उन्होंने कहा कि हमारे शिक्षकों को आया सो पाया के स्थान पर चाहा जो बनाया के सूत्र से विद्यालय को तीर्थ बनाने के लिए करणीय कार्य करने चाहिए।तीर्थ की प्राचीन परंपरा साथ लेकर चलने,सीखते हुए चलने की रही।</p>
<p>इस अवसर पर राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रदेश सभाध्यक्ष संपत सिंह,महिला मंत्री गीता जैलिया,अतिरिक्त प्रदेश महामंत्री बसंत जिंदल,कोषाध्यक्ष कैलाश कच्छावा, प्रदेश उपाध्यक्ष (प्रारंभिक) भंवर सिंह राठौड़ , प्रदेश सचिव माध्यमिक शिक्षा ,सत्यनारायण सहरमा ,योगेश कुमार शर्मा ने ,दिनेश चंद्र शर्मा मंडल उपाध्यक्ष अजमेर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी उपस्थित रहे।</p>
<p>भवदीय<br />
महेंद्र कुमार लखारा<br />
प्रदेश महामंत्री<br />
9460209114</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शिक्षा विभाग का स्टाफिंग पैटर्न हो छात्रहित में:पुष्करणा, पदोन्नतियां,नवीन शैक्षणिक सत्र आदि मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री से वार्ता की</title>
		<link>https://abrsmrajasthan.org/varta/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[CP Kurmi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 26 Oct 2025 03:30:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[General]]></category>
		<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[कार्यकारिणी]]></category>
		<category><![CDATA[वार्ता]]></category>
		<category><![CDATA[संगठन समाचार]]></category>
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					<description><![CDATA[प्रेस विज्ञप्ति:सादर प्रकाशनार्थ कार्तिक मास शुक्ल पक्ष पंचमी विक्रम संवत 2082 रविवार,दिनांक:26/10/2025 जयपुर। राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रतिनिधि मंडल ने प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>प्रेस विज्ञप्ति:सादर प्रकाशनार्थ<br />
कार्तिक मास शुक्ल पक्ष पंचमी विक्रम संवत 2082 रविवार,दिनांक:26/10/2025</p>
<p>जयपुर। राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रतिनिधि मंडल ने प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा के नेतृत्व में शिक्षा जगत के ज्वलंत मुद्दों को लेकर शिक्षा मंत्री मदन लाल दिलावर से वार्ता की।इस अवसर पर प्रतिनिधि मंडल में संगठन के प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा उपस्थित रहे।</p>
<p>संगठन के प्रदेश महामंत्री लखारा ने बताया कि संगठन के प्रतिनिधि मंडल ने आज शिक्षामंत्री कार्यालय में शिक्षा मंत्री से विभिन्न शिक्षक समस्याओं पर त्वरित निर्णय लेने का आग्रह किया।आज की वार्ता में संगठन ने सरकार द्वारा अब तक किए पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त स्थानांतरण और ऐतिहासिक पदोन्नतियों के लिए धन्यवाद देते हुए शिक्षा मंत्री से अन्य सभी संवर्गों की पदोन्नतियां भी शीघ्र करने की मांग रखी।साथ ही विद्यालयों को दी जाने वाली सीएसजी व अन्य मद की राशि शीघ्र जारी करते हुए भविष्य में जुलाई माह में ही आवंटन करने,शिक्षा विभाग में होने वाले स्टाफिंग पैटर्न को छात्रहित में करने और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में शिक्षकों की ड्यूटी दूरस्थ स्थानों से नहीं लगाने की मांग की।</p>
<p>प्रदेश अध्यक्ष पुष्करणा ने कहा कि आज शिक्षा मंत्रीजी से संगठन ने स्पष्ट रूप से विभाग की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया।संगठन ने सरकार के रंग रोगन को लेकर की गई पहल का स्वागत करते हुए कहा कि आगामी वर्षों में रंगरोशन की राशि सीधे विद्यालयों या अन्य एजेंसी को दी जाए। इससे शिक्षकों पर अनावश्यक दबाव नहीं बनेगा साथ ही आगामी सत्र एक अप्रेल से करने की योजना से वर्तमान सत्र में परीक्षाएं जल्दी कराने पर शिक्षकों को पाठ्यक्रम पूर्ण करने के लिए कम समय मिलेगा।अतः इस पर ध्यान देते हुए शिक्षक और छात्रहित में निर्णय लिया जाए।इस प्रकार आज की वार्ता में शिक्षा मंत्री जी ने सहजता से सकारात्मक निर्णय लेने का आश्वासन देते हुए कहा कि हमारी सरकार श्रेष्ठ गुरु परम्परा को स्थापित करने के लिए श्रेष्ठ शिक्षकों का राष्ट्रनिर्माण में साथ बढ़ने आह्वान करती है।इस अवसर पर राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रदेश सभाध्यक्ष संपत सिंह,वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवि आचार्य ,उपाध्यक्ष महिला सुषमा विश्नोई,प्रदेश मंत्री अमरजीत सिंह ,महिला मंत्री गीता जैलिया , अतिरिक्त प्रदेश महामंत्री बसंत जिंदल,कोषाध्यक्ष कैलाश कच्छावा सहित प्रदेश कार्यकारिणी के समस्त पदाधिकारीयों ने शिक्षामंत्री के शिक्षक हित में लिए निर्णयों पर संतोष जताते हुए अन्य मांगों पर भी त्वरित निर्णय से शिक्षकों और विद्यार्थियों के कल्याण में भजन लाल सरकार के सकारात्मक पहल की उम्मीद जताई।</p>
<p>भवदीय<br />
महेंद्र कुमार लखारा<br />
प्रदेश महामंत्री<br />
9460209114</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मैकाले और मार्क्स के प्रभाव से मुक्त होकर भारतीय शिक्षा एवं जीवन पद्धति को अपनाने का समय : सुधांशु त्रिवेदी</title>
		<link>https://abrsmrajasthan.org/abrsm-07/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[CP Kurmi]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 07 Oct 2025 15:42:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[General]]></category>
		<category><![CDATA[कार्यकारिणी]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[वार्ता]]></category>
		<category><![CDATA[संगठन समाचार]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://rssrashtriya.org/?p=10309</guid>

					<description><![CDATA[कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा, संवत२०८२, ७ अक्टूबर २०२५ जयपुर अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के 9 वें राष्ट्रीय अधिवेशन का समापन जामडोली जयपुर।आज अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा, संवत२०८२, ७ अक्टूबर २०२५ जयपुर</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के 9 वें राष्ट्रीय अधिवेशन का समापन</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">जामडोली जयपुर।<br />आज अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय अधिवेशन के समापन कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं वक्ता राज्यसभा सांसद डॉक्टर सुधांशु त्रिवेदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सीमा से समाज तक विषय पर अपना उद्बोधन देते हुए कहां कि जहां कुछ वर्षों पूर्व हमें शक्तिशाली एवं बड़े देश होने के बाद भी पडौसी छोटे देश का डर सताता था, लेकिन आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में सीमा पर ऑपरेशन सिंदूर में हमारी सेना ने अप्रतिम एवं अद्वितीय शौर्य का प्रदर्शन कर पड़ौसी देश की सीमाओं में 150 से 300 किलोमीटर अंदर जाकर उनके एयर डिफेंस पर मिसाइलें गिराई उसे तबाह कर दिया और आतंकी केंद्रो को नष्ट कर आतंकियों को बेबस कर उन्हें घुटनों पर ला दिया। ऑपरेशन सिंदूर में चाइनीस डिफेंस तंत्र पूरी तरह फेल हो गया जबकि भारत का डिफेंस तंत्र पूरी तरह से प्रभावी सिद्ध हुआ। लेकिन विश्व पटल पर कार्यरत एक इकोसिस्टम ने इसे धुंधला कर मिटाने का प्रयास किया। हमारे समाज ,राजनीति और बौद्धिक प्रतिष्ठान में देश और विदेश में एक वर्ग ऐसा है जो हमारी सफलताओं पर भी प्रश्न चिन्ह खड़ा करने का कार्य करता है। जो भारत में हिंदुत्व की ताकत को कमजोर करने के लिए अल्पसंख्यकों, आरक्षित वर्गों, कमजोर एवं दलित वर्गों ,मीडिया आदि सभी को अपना लक्ष्य बनाता है और हमारे प्रजातंत्र के लिए खतरा बना हुआ है। यह वे लोग हैं जो प्रांतवाद ,क्षेत्रवाद, भाषावाद, जातिवाद ,अमीर -गरीब, सामान्य- दलित समाजो को आपस में लडवा कर तथ्यों को तोड़ बंदोदकर आधे अधूरे प्रस्तुत कर अपने लक्ष्य में सफल होना चाहते हैं। उन्होंने हमारे देश में ऊर्जा और खाद्यान्न की सुरक्षा का उदाहरण देते हुए बताया की आज हमारी कुल ऊर्जा खपत का 50% हम अक्षय ऊर्जा से प्राप्त करने में सफल हो गए हैं सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भारत ने दुनिया का प्रतिनिधित्व करते हुए अंतर्राष्ट्रीय सौर ऊर्जा केंद्र गुरुग्राम में स्थापित किया है। पिछले माह ही हमने 250 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा बनाने की क्षमता अर्जित की।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-10311" src="https://rssrashtriya.org/wp-content/uploads/2025/10/s-3.jpg" alt="" width="1280" height="533" srcset="https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/s-3.jpg 1280w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/s-3-300x125.jpg 300w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/s-3-1024x426.jpg 1024w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/s-3-768x320.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 1280px) 100vw, 1280px" />एक करोड़ घरों पर सोलर रूफटॉप ,रेलवे का लगभग शत प्रतिशत विद्युतीकरण , जल थल नभ तीनों में आणविक शक्ति संपन्न, भारत में बने विमान वाहकयुद्धपोत ,नाभिकीय सबमरीन, एयरक्राफ्ट, यूरोपीय देशों का भारत में आकर रक्षा उद्योग स्थापित करना आदि सभी कार्य रक्षा क्षेत्र में हमारे प्रधानमंत्री की मजबूत इच्छा शक्ति का प्रकटीकरण है। उन्होंने युवा वर्ग को सरकारी सेवा के पीछे दौड़ने की बजाय एंटरप्रेन्योरशिप स्टार्टअप पर बल दिया। उन्होंने कहा की आने वाले समय में 90% नौकरियां लक्ष्य आधारित ही होगी जिम युवा अपनी क्षमताओं एवं कौशल का भरपूर उपयोग कर सकेंगे। स्टार लिंक कनेक्शन के बाद देश-विदेश का कोई भी कार्य युवा अपने घर बैठकर भी पूर्ण कर पाएगा। मैकाले और मार्क्स की शिक्षा से मुक्त होकर भारतीय शिक्षा एवं जीवन पद्धति को पूर्णतया आत्मसात करने का समय है। भारत के इस अमृत कल के समय में शिक्षकों का यह महत्वपूर्ण दायित्व है कि जिस प्रकार भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं ज्ञान को गलत ढंग से प्रस्तुत किया गया उसके सही स्वरूप को बालको एवं समाज तक पहुंचाना है हमें गुलामी की मानसिकता से मुक्त होकर हमारी विरासत का संरक्षण , देश के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की ओर अग्रसर करना है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-10312" src="https://rssrashtriya.org/wp-content/uploads/2025/10/s-1.jpg" alt="" width="800" height="600" srcset="https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/s-1.jpg 800w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/s-1-300x225.jpg 300w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/s-1-768x576.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 800px) 100vw, 800px" /></p>



<p class="wp-block-paragraph">&nbsp;</p>
<p>कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं पूर्व सहसरकार्यवाह सुरेश सोनी ने शिक्षा की भारतीय अवधारणा विषय पर अपने विचार रखे । अपनी प्राचीन गुरुकुल परंपरा पर जोर देते हुए वर्तमान समय में शिक्षक की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहां की भारतीय शिक्षा एवं जीवन पद्धति में बच्चों के समग्र विकास एवं चारित्रिक विकास दोनों पर ही ध्यान देना आवश्यक है , जिसका उद्देश्य व्यक्ति को समाज और देश के योग्य बनाना और भारतीय संस्कृति का संरक्षण करना है और यह कार्य केवल एक शिक्षक ही कर सकता है। उन्होंने कहा कि विद्यालय सामाजिक परिवर्तन का प्रमुख केंद्र है तथा शिक्षक उसकी धुरी और राष्ट्र निर्माण का पुरोधा है। उन्होंने शिक्षकों से आव्हान किया कि आओ हम सब मिलकर भारत मां को पुनः सर्वोच्च सिंहासन पर विराजित कर, उसके वैभव को पुनः स्थापित कर संपूर्ण विश्व में शांति , विकास और मानव कल्याण का संदेश दें।</p>
<p>अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रोफेसर नारायण लाल गुप्ता ने संगठन की अब तक की यात्रा और उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ABRSM अपने स्थापना काल से ही शिक्षकों के सर्वांगीण विकास और राष्ट्र निर्माण के कार्य में निरंतर अग्रसर रहा है। प्रोफेसर गुप्ता ने यह भी बताया कि ABRSM विश्व का सबसे बड़ा शिक्षकों का संगठन है, जो &#8220;शिक्षक राष्ट्र के लिए&#8221; इस मूल विचार और राष्ट्र के हित में शिक्षा, शिक्षा के हित में शिक्षक और शिक्षक के हित मैं समाज ध्येय वाक्य के साथ कार्य कर रहा है। ABRSM केवल शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि राष्ट्र के समग्र विकास और ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लिए भी सक्रिय रूप से योगदान कर रहा है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-10314" src="https://rssrashtriya.org/wp-content/uploads/2025/10/s-4.jpg" alt="" width="800" height="600" srcset="https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/s-4.jpg 800w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/s-4-300x225.jpg 300w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/s-4-768x576.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 800px) 100vw, 800px" /></p>



<p class="wp-block-paragraph">कार्यक्रम के समारोह सत्र में जयपुर की महापौर सौम्या गुर्जर ,संगठन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री महेंद्र कपूर , सह संगठन मंत्री जी.लक्ष्मण ,कार्यक्रम संयोजक शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा, महामंत्री गीता भट्ट, उच्च शिक्षा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज बहरवाल एवं देश के 28 राज्यों से पधारे शिक्षकों, कार्यकर्ताओं की गरिमामई उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन महामंत्री गीता भट्ट ने किया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">भवदीय</p>



<p class="wp-block-paragraph">बसंत जिंदल- सह मीडिया प्रभारी<br />एबीआरएसएम</p>



<p class="wp-block-paragraph">संपर्क सूत्र &#8211; देवेंद्र शर्मा<br /> 941420 2817</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>तीन शिक्षक शिक्षा भूषण से अलंकृत, गुरु ही बालक का सृजनकर्ता ,पालनकर्ता और अज्ञान का संहारकर्ता है : अवधेशानंद गिरी</title>
		<link>https://abrsmrajasthan.org/abrsm-06/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[CP Kurmi]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 06 Oct 2025 16:05:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[General]]></category>
		<category><![CDATA[कार्यकारिणी]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[वार्ता]]></category>
		<category><![CDATA[संगठन समाचार]]></category>
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					<description><![CDATA[आश्विन शुक्ल चतुर्दशी, संवत २०८२ , ०६ अक्टूबर जामडोली जयपुर&#124; आज अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय अधिवेशन के द्वितीय दिवस पर देश के तीन अग्रणी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>आश्विन शुक्ल चतुर्दशी, संवत २०८२ , ०६ अक्टूबर</p>
<p>जामडोली जयपुर| आज अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय अधिवेशन के द्वितीय दिवस पर देश के तीन अग्रणी ,सुविख्यात, कर्मयोगी व राष्ट्रीयता से ओत्प्रोत ख्याति प्राप्त तीन शिक्षाविदों को महामंडलेश्वर जूना पीठाधीश्वर आचार्य अवधेशानंद जी महाराज एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य व पूर्व सहसरकार्यवाह सुरेश सोनी द्वारा शिक्षा भूषण सम्मान से अलंकृत किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आचार्य महामंडलेश्वर जूना पीठाधीश्वर अवधेशानंद गिरि जी महाराज ने कहा कि अपने स्व को जानने के लिए भगवान स्वयं शिक्षक के रूप में प्रकट होते हैं ,इसीलिए गुरु को सर्वोच्च सम्मान दिया जाता है । गुरु ही बालक का सृजन कर्ता पालन कर्ता और अज्ञान का संहारकर्ता है। शिक्षा ही हमें पुरुषार्थी बनाकर एवं सत्य का ज्ञान कराकर पूर्णता का बोध कराती है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-10321" src="https://rssrashtriya.org/wp-content/uploads/2025/10/IMG-20251006-WA02721.jpg" alt="" width="800" height="600" srcset="https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/IMG-20251006-WA02721.jpg 800w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/IMG-20251006-WA02721-300x225.jpg 300w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/IMG-20251006-WA02721-768x576.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 800px) 100vw, 800px" />संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नारायण लाल गुप्ता ने बताया कि महासंघ भारत को निरंतर प्रगति पथ पर ले जाने के उद्देश्य से शिक्षा जगत एवं समाज में अपने राष्ट्र भाव को प्रदर्शित करता है। भारत का वर्तमान समय सामाजिक ,सांस्कृतिक आर्थिक ,राजनीतिक तथा शैक्षिक दृष्टि से विचारात्मक परिवर्तन का समय है । इन सभी परिवर्तनों में शिक्षक की सदैव महत्व भूमिका रही है। शिक्षक ही वह व्यक्ति है जो विद्यार्थियों नागरिकों, समाज में ज्ञान विज्ञान का सतत प्रणयन और प्रकीर्णन करता है।इसलिए भारतीय समाज में शिक्षक का सर्वोच्च स्थान और सम्मान रहा है। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ऐसे गणमान्य शिक्षकों जिनका संपूर्ण जीवन राष्ट्र आराधन तथा समाज निर्माण में लगा हुआ है 2015 से समारोह पूर्वक प्रतिवर्ष सम्मानित कर रहा है। संगठन द्वारा यह सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में पूरे देश में अद्वितीय कार्य करने वाली तीन विभूतियां को प्रदान किया जाता है। सम्मानित शिक्षकों को ₹ 1 लाख की नगद राशि, प्रशस्ति पत्र और चांदी की प्लेट प्रदान की जाती है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-10323" src="https://rssrashtriya.org/wp-content/uploads/2025/10/IMG-20251006-WA02731.jpg" alt="" width="800" height="600" srcset="https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/IMG-20251006-WA02731.jpg 800w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/IMG-20251006-WA02731-300x225.jpg 300w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/IMG-20251006-WA02731-768x576.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 800px) 100vw, 800px" /></p>
<p>इस वर्ष यह सम्मान राजस्थान के उदयपुर से प्रोफेसर भगवती प्रकाश शर्मा जो गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय ग्रेटर नोएडा के कुलपति है एवं जिन्होंने विश्व व्यापार संगठन के पांचवें छठे दसवें सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व किया । जिनके 350 से अधिक शोध देश-विदेश की अनेक पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए तथा भारत सरकार द्वारा मदन मोहन मालवीय पुरस्कार प्रदान किया गया। हरियाणा से यह पुरस्कार दिल्ली विश्विद्यालय के दौलतराम कॉलेज की प्राध्यापिका प्रोफेसर सुषमा यादव को दिया गया जो हरियाणा के केन्द्रीय विश्विद्यालय एवम इंद्रा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय की उपकुलपति रही तथा जिनके अनेक शोध लेख एवम पुस्तकें देश विदेश में प्रकाशित हुई । जिन्हें अंतराष्ट्रीय महिला दिवस का विदुषी सम्मान , सावित्री बाई फुले राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान से नवाजा जा चुका है। केरल से वि. जे. श्रीकुमार को यह सम्मान दिया गया,जो अमृता संस्कृत उच्चतम विद्यालय,कोल्लम में अध्यापक है इनके अनेक कार्यक्रम और वार्ताएं आकाशवाणी व दूरदर्शन पर प्रसारित हुए है। इनकी 44 कविताओं का संकलन वाक्श्री शीर्षक से प्रकाशित हुआ। इन्हें केरल राज्य का संस्कृत के क्षेत्र में राज्यस्तरीय पुरस्कार प्राप्त है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-10322" src="https://rssrashtriya.org/wp-content/uploads/2025/10/IMG-20251006-WA02281.jpg" alt="" width="800" height="600" srcset="https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/IMG-20251006-WA02281.jpg 800w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/IMG-20251006-WA02281-300x225.jpg 300w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/IMG-20251006-WA02281-768x576.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 800px) 100vw, 800px" />राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सहसरकार्य वाह सुरेश सोनी ने शिक्षा की भारतीय अवधारणा विषय पर अपने विचार रखें । उन्होंने अपनी प्राचीन गुरूकुल परंपरा पर जोर देते हुए वर्तमान समय मे शिक्षक की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि भारतीय शिक्षा की अवधारणा में बच्चों के समग्र विकास एवं चारित्रिक विकास दोनों पर ही ध्यान देना आवश्यक है इसका उद्देश्य व्यक्ति को समाज और देश के योग्य बनाना और भारतीय संस्कृति का संरक्षण करना है, और यह कार्य केवल एक शिक्षक ही कर सकता है ।</p>
<p>NCERT के निदेशक प्रोफेसर डी पी सकलानी ने कहा कि नयी शिक्षा नीति 2020 बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ साथ राष्ट्र व समाज के लिए भी जिम्मेदार बनाने का कार्य कर रही है। इसके माध्यम से बच्चों को 21 वी सदीं के तहत तैयार किया जाएगा। यह बच्चों की प्रतिभाओं और कौशल को निखारने, उनका सर्वांगीण विकास कर रचनात्मक रूप से मुख्यधारा में लाने के लिए सर्वाधिक उपयोगी है। NEP 2020 के तहत पाठ्यक्रम के भारत केंद्रित होने पर जोर दिया गया है। इसके तहत नया पाठ्यक्रम पाश्चात्य दृष्टिकोण से दूर भारतीय परिपेक्ष्य पर आधारित एवम् हमारी सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध है। इस नीति का उद्देश्य शिक्षा को छात्रों के लिए आनंददायक बनाना है, जिससे वे रटने की जगह रुचि लेकर समझने पर ध्यान केन्द्रित कर सके।</p>
<p>कार्यक्रम में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री महेंद्र कपूर महामंत्री गीता भट्ट ,कार्यक्रम संयोजक राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा विभिन्न विश्वविद्यालय के कुलगुरु, संगठन के पूरे देश से पधारे शिक्षक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में संगठन की महामंत्री गीता भट्ट ने सभी अतिथियों एवं पधारे शिक्षकों का आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगीत के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम का संचालन अखिल भारतीय प्रकाशन प्रकोष्ठ प्रमुख एवं शैक्षिक मंथन के संपादक शिवचरण कौशिक ने किया।</p>
<p>भवदीय<br />
बसंत जिंदल-सह मीडिया प्रभारी<br />
ABRSM</p>
<p>संपर्क सूत्र-देवेंद्र शर्मा<br />
9414 202817</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के 9 वें राष्ट्रीय अधिवेशन का उद्घाटन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया।</title>
		<link>https://abrsmrajasthan.org/abrsm-05oct/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[CP Kurmi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 05 Oct 2025 11:22:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[General]]></category>
		<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[कार्यकारिणी]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[वार्ता]]></category>
		<category><![CDATA[संगठन समाचार]]></category>
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					<description><![CDATA[आश्विन शुक्ल त्रयोदशी ,संवत् २०८२, ५ अक्टूबर २०२५ जयपुर शिक्षक हमारे देश में राष्ट्र निर्माता की भूमिका में : भजनलाल शर्मा ABRSM के 9 वें राष्ट्रीय अधिवेशन [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>आश्विन शुक्ल त्रयोदशी ,संवत् २०८२, ५ अक्टूबर २०२५ जयपुर<br />
<strong>शिक्षक हमारे देश में राष्ट्र निर्माता की भूमिका में : भजनलाल शर्मा</strong><br />
ABRSM के 9 वें राष्ट्रीय अधिवेशन में देश भर से जयपुर पहुंचे हजारों शिक्षक<br />
जामडोली ,जयपुर। आज अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के 9 वें राष्ट्रीय अधिवेशन का उद्घाटन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया । कार्यक्रम का प्रारंभ मां भारती एवं मां सरस्वती के चित्रों पर माल्यार्पण एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर विशिष्ट अतिथि रहे।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-10289" src="https://rssrashtriya.org/wp-content/uploads/2025/10/5.jpg" alt="" width="1280" height="785" srcset="https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/5.jpg 1280w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/5-300x184.jpg 300w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/5-1024x628.jpg 1024w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/5-768x471.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 1280px) 100vw, 1280px" /></p>
<p>मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भारत माता की जय के उद्घोष के साथ अपने संबोधन में कहा कि भारत में गुरु और शिष्य की महान परंपरा रही है। गुरु अपने शिष्य का सच्चा मार्गदर्शक, मित्र और पथ प्रदर्शक होता है। युवा के जीवन को दिशा देने का कार्य शिक्षक का है। शिक्षक हमारे राष्ट्र में प्रारंभ से ही राष्ट्र निर्माता की भूमिका में रहे हैं। विद्यार्थियों को रोजगार परक एवं कौशल विकास की शिक्षा देने की दिशा में नई शिक्षा नीति 2020 को लागू करने के लिए हमारी सरकार कृत संकल्प है। शिक्षकों की किसी भी समस्या को सरकार अपनी समस्या मान कर उसके शीघ्र समाधान की दिशा में काम करेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अधिवेशन की स्मारिका एवं हमारा विद्यालय हमारा तीर्थ पुस्तक तथा संगठन के वार्षिक कैलेंडर का विमोचन किया। यह केवल एक सम्मेलन नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक महायज्ञ है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार युवाओं को रोजगार देने की प्रति कृतसंकल्प है हमने चार लाख युवाओं को रोजगार देने की बात कही थी उस दिशा में हम सफल रहें हैं । अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ एक देशव्यापी संगठन है जो प्राथमिक शिक्षा से लेकर विश्वविद्यालय शिक्षा के मंदिरों में अपने शिक्षकों के माध्यम से शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति के मूल्यों की स्थापना का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है इसके लिए उन्होंने सभी शिक्षकों को बधाई दी।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-10290" src="https://rssrashtriya.org/wp-content/uploads/2025/10/photo-collage.png-1.png" alt="" width="1080" height="1080" srcset="https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/photo-collage.png-1.png 1080w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/photo-collage.png-1-300x300.png 300w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/photo-collage.png-1-1024x1024.png 1024w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/photo-collage.png-1-150x150.png 150w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/photo-collage.png-1-768x768.png 768w" sizes="auto, (max-width: 1080px) 100vw, 1080px" /></p>
<p>शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ शिक्षक, शिक्षार्थी और राष्ट्र हित को ध्यान में रखकर कार्य करने वाला संगठन है। शिक्षित और सक्षम नागरिक ही राष्ट्र की प्रगति के आधार हैं। हमें अपने आप को विद्यार्थियों के समक्ष एक आदर्श के रूप में प्रस्तुत करना चाहिए ताकि उनका अनुसरण करते हुए वे देश के सच्चे कर्त्तव्यनिष्ठ, अनुशासित और अच्छे नागरिक बन सकें। शिक्षा के क्षेत्र में राजस्थान पूरे देश में इस एक वर्ष में 11 वें से 3 स्थान पर आ गया है। सरकारी क्षेत्र के विद्यालयों के परिणाम में अप्रत्याशित वृद्धि के लिए उन्होंने शिक्षकों को बधाई दी।<br />
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (ABRSM) के अध्यक्ष प्रोफेसर नारायण लाल गुप्ता ने महासंघ के 9वें राष्ट्रीय अधिवेशन के उदघाटन सत्र के अवसर पर संगठन की अब तक की यात्रा और उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ABRSM अपने स्थापना काल से ही शिक्षकों के सर्वांगीण विकास और राष्ट्र निर्माण के कार्य में निरंतर अग्रसर रहा है। प्रोफेसर गुप्ता ने यह भी बताया कि ABRSM विश्व का सबसे बड़ा शिक्षकों का संगठन है, जो &#8220;शिक्षक राष्ट्र के लिए&#8221; इस मूल विचार और राष्ट्र के हित में शिक्षा, शिक्षा के हित में शिक्षक और शिक्षक के हित मैं समाज ध्येय वाक्य के साथ कार्य कर रहा है। यही इस अधिवेशन का मुख्य विषय भी है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-10291" src="https://rssrashtriya.org/wp-content/uploads/2025/10/7.jpg" alt="" width="1280" height="720" srcset="https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/7.jpg 1280w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/7-300x169.jpg 300w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/7-1024x576.jpg 1024w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/7-768x432.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 1280px) 100vw, 1280px" /></p>
<p>राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रदेश अध्यक्ष एवं कार्यक्रम के संयोजक रमेश चंद्र पुष्करणा ने स्मृति चिन्ह एवं शाल द्वारा अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि देश में 13 .5 लाख सदस्यों वाला यह सबसे बड़ा संगठन है जो समाज शिक्षा और शिक्षक हित में निरंतर संघर्षरत है उन्होंने सामान्य शिक्षा एवं संस्कृत शिक्षा विभाग में सर्वाधिक पदोन्नतियों एवं अन्य उपलब्धियों के लिए माननीय मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्त किया ,साथ ही संगठन की कुछ प्रमुख मांगो को रखा।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-10292" src="https://rssrashtriya.org/wp-content/uploads/2025/10/photo-collage.png.png" alt="" width="1080" height="1080" srcset="https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/photo-collage.png.png 1080w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/photo-collage.png-300x300.png 300w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/photo-collage.png-1024x1024.png 1024w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/photo-collage.png-150x150.png 150w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/photo-collage.png-768x768.png 768w" sizes="auto, (max-width: 1080px) 100vw, 1080px" /></p>
<p>कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अपने सुनील भाई ने अपने संबोधन में कहा कि “ABRSM शिक्षकों के लिए वह सशक्त मंच है, जहाँ से वे भारत को एक ‘विकसित भारत’ (Viksit Bharat) बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।” उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज का सबसे महत्वपूर्ण घटक हैं, जिन्हें राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका सकारात्मक रूप से निभानी चाहिए, और ABRSM इस दिशा में एक प्रभावी माध्यम के रूप में कार्य कर रहा है। एक शिक्षक का कर्तव्य केवल शिक्षा देन तक सीमित न होकर हमें संगठन और शिक्षा के माध्यम से पूरे विश्व भर में भारतीय संस्कृति के मूल्यों एवं अपनी प्राचीन गुरु परंपरा को युगानुकूल बनाकर उसकी स्थापना करनी है। शिक्षक का दायित्व मां के समान होता है लेकिन मां केवल एक बच्चे को ही जन्म देती है जबकि शिक्षक विद्यालय के सभी छात्रों को सुसभ्य नागरिक बनाकर उन्हें नया जन्म देता है। हमें समाज की सेवा करते हुए शिक्षक के सम्मान की रक्षा भी करनी है ।सुनील भाई ने यह भी कहा कि ABRSM केवल शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि राष्ट्र के समग्र विकास और ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लिए भी सक्रिय रूप से योगदान दे रहा है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-10293" src="https://rssrashtriya.org/wp-content/uploads/2025/10/1-1.jpg" alt="" width="1280" height="852" srcset="https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/1-1.jpg 1280w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/1-1-300x200.jpg 300w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/1-1-1024x682.jpg 1024w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/1-1-768x511.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 1280px) 100vw, 1280px" /></p>
<p>कार्यक्रम में जूना अखाड़ा के स्वामी चिन्मयानंद जी महाराज ,अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री महेंद्र कपूर ,राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक निंबाराम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, हनुमान सिंह जी क्षेत्रीय कार्यकारिणी सदस्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, अल्पना कटेजा कुलगुरु राजस्थान विश्वविद्यालय की गरिमामई उपस्थिति के साथ देश भर के 28 राज्यों से आए शिक्षक ,कार्यकर्ता बंधु उपस्थित रहे।<br />
कार्यक्रम का संचालन अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की महामंत्री गीता भट्ट ने किया। अंत में राष्ट्रगीत के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने किया प्रदर्शनी का उद्घाटन</title>
		<link>https://abrsmrajasthan.org/exhibition/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[CP Kurmi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 04 Oct 2025 16:06:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[General]]></category>
		<category><![CDATA[कार्यकारिणी]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[वार्ता]]></category>
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					<description><![CDATA[आश्विन शुक्ल द्वादशी संवत् २०८२ , ४ अक्टूबर २०२५ जयपुर। उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने किया प्रदर्शनी का उद्घाटन, प्रदर्शनी में राजस्थान की कला संस्कृति एवं वैभवपूर्ण स्थापत्य [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>आश्विन शुक्ल द्वादशी संवत् २०८२ , ४ अक्टूबर २०२५ जयपुर।</p>
<p>उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने किया प्रदर्शनी का उद्घाटन, प्रदर्शनी में राजस्थान की कला संस्कृति एवं वैभवपूर्ण स्थापत्य कला की पूर्ण झलक।</p>
<p>अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (ABRSM) का 9वां त्रिवार्षिक राष्ट्रीय अधिवेशन 5 से 7 अक्टूबर 2025 तक जयपुर स्थित केशव विद्यापीठ, जामडोली में आयोजित होगा। कार्यक्रम की पूर्व संध्या पर महासंघ की अब तक की यात्रा को जीवंत करने वाली प्रदर्शनी का उद्घाटन आज उपमुख्यमंत्री राजस्थान दीया कुमारी ने किया।जयपुर सांसद मंजू शर्मा और महापौर कुसुम यादव विशिष्ट अतिथि रही।<br />
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने अपने संबोधन में महासंघ द्वारा आधुनिक एवं व्यवहारिक शिक्षा को पूर्ण महत्व देते हुए शिक्षा में नवाचारों का प्रयोग करते हुए नई शिक्षा नीति को अपनाने पर बल दिया। उन्होंने इस अवसर पर उपस्थित सभी शिक्षकों को आयातित वस्तुओं के स्थान पर प्रकृति के अनुकूल स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की शपथ दिलाई।<img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-10279" src="https://rssrashtriya.org/wp-content/uploads/2025/10/1.jpg" alt="" width="800" height="600" srcset="https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/1.jpg 800w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/1-300x225.jpg 300w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/1-768x576.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 800px) 100vw, 800px" /></p>
<p>राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक निंबाराम ने इस अवसर पर कहा कि हमें हमारे विद्यार्थियों को स्थानीय महापुरुषों जिनका विभिन्न क्षेत्रों जैसे समाज सुधार ,गौरक्षा, पर्यावरण संरक्षण महिला सशक्तिकरण आदि में योगदान रहा उनकी जीवनियों से परिचित कराना चाहिए ।</p>
<p>संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नारायण लाल गुप्ता ने सभी अतिथियों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षक संघ एक ट्रेड यूनियन न होकर राष्ट्र निर्माण का एक संगठन होना चाहिए जो भारत की प्राचीन गुरू को परंपरा पर आधारित हो। हम एक विचार के साथ सदैव सकारात्मक लेकर एक बड़े लक्ष्य के लिए राष्ट्र, समाज और शिक्षा के हित में कार्य करेंगे और साथ में हमारे सम्मान की रक्षा भी करेंगे।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-10280" src="https://rssrashtriya.org/wp-content/uploads/2025/10/2.jpg" alt="" width="800" height="600" srcset="https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/2.jpg 800w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/2-300x225.jpg 300w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/2-768x576.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 800px) 100vw, 800px" /></p>
<p>कार्यक्रम के संयोजक राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा ने बताया कि प्रदर्शनी में महासंघ की गतिविधियों शैक्षणिक दृष्टिकोण और राष्ट्रीय भूमिका का दस्तावेजीकरण प्रस्तुत किया गया। प्रदर्शनी में एबीआरएसएम की संपूर्ण विकास यात्रा के साथ 31 राज्यों में आयोजित कार्यक्रमों एवं शिक्षक हितों के लिए किए गए प्रयासों को दर्शाया गया। महासंघ द्वारा समय-समय पर किए गए सामाजिक सरोकारों एवं राष्ट्रीय आपदाओं में कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए कार्यों ,शिक्षा के क्षेत्र में संगठन द्वारा किए गए शैक्षिक समाचारों एवं शिक्षा में राष्ट्रवाद के समावेश को दर्शाते हुए शिक्षक राष्ट्र के लिए थीम पर आधारित वीडियो एवं चित्रों को प्रदर्शित किया गया । साथ ही साथ संगठन द्वारा समाज में प्रारंभ किए गए सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन कार्यक्रमों से परिचित कराया गया ।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-10281" src="https://rssrashtriya.org/wp-content/uploads/2025/10/3.jpg" alt="" width="800" height="600" srcset="https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/3.jpg 800w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/3-300x225.jpg 300w, https://abrsmrajasthan.org/wp-content/uploads/2025/10/3-768x576.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 800px) 100vw, 800px" /></p>
<p>प्रदर्शनी में राजस्थान की कला एवं संस्कृति एवं वैभवपूर्ण स्थापत्य कला की पूर्ण झलक दिखाई गई । भारत की विभिन्न भाषाओं में लिखे साहित्य की दुर्लभ पुस्तकों, हस्तकला द्वारा निर्मित वस्तुओं की स्टाल लगाकर कार्यकर्ताओं को भी यह सामग्री उपलब्ध कराई गई।</p>
<p>अधिवेशन का उद्घाटन सत्र 5 अक्टूबर को प्रातः 11 बजे होगा। इसका शुभारंभ राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा करेंगे। इस अवसर पर राजस्थान सरकार के उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, अनेक विश्वविद्यालयों के कुलपति और देश के प्रमुख शिक्षाविद भी उपस्थित रहेंगे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>भवदीय</p>
<p>(बसन्त जिन्दल)</p>
<p>सह-मीडिया प्रमुख</p>
<p>अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ</p>
<p>संपर्क सूत्र-</p>
<p>श्री देवेंद्र शर्मा 94142 02817</p>
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