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	<title>ABRSM &#8211; अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान ( विद्यालय शिक्षा)</title>
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		<title>शिक्षकों को मीडिया की गलत सूचना से निपटने में एबीआरएसएम और एमसीएनयूजेसी बनाते है सशक्त</title>
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		<dc:creator><![CDATA[CP Kurmi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 18 Aug 2024 13:27:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[General]]></category>
		<category><![CDATA[कार्यकारिणी]]></category>
		<category><![CDATA[संगठन समाचार]]></category>
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					<description><![CDATA[भोपाल, 18 अगस्त &#8211; गलत सूचना के प्रसार से निपटने और शिक्षकों को आलोचनात्मक सोच कौशल से लैस करने के एक ठोस प्रयास के रूप में अखिल [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>भोपाल, 18 अगस्त &#8211; गलत सूचना के प्रसार से निपटने और शिक्षकों को आलोचनात्मक सोच कौशल से लैस करने के एक ठोस प्रयास के रूप में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (एबीआरएसएम) और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता और जन संचार विश्वविद्यालय (एमसीएनयूजेसी) ने संयुक्त रूप से विश्वविद्यालय में एक दो दिवसीय अखिल भारतीय मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया।विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में पूरे देश से प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक के 60 से अधिक शिक्षक प्रतिभागी शामिल हुए।कार्यक्रम का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 डॉ के जी सुरेश,एबीआरएसएम के राष्ट्रीय संगठन मंत्री महेंद्र कपूर,राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख दर्शन भारती एवं अतिरिक्त महासचिव प्रोफेसर नारायण लाल गुप्ता ने दीप प्रज्वलित कर एवं भारत माता,माता सरस्वती एवं माखनलाल चतुर्वेदी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया।</p>
<p>कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को मीडिया परिदृश्य की व्यापक समझ प्रदान करना है।जिससे शिक्षक डिजिटल युग की जटिलताओं से निपटने में समाज का प्रभावी ढंग से मार्गदर्शन कर सकें।कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में मीडिया की समझ,मीडिया प्रबंधन के लिए उपकरण और तकनीक,गलत सूचना और दुष्प्रचार को समझना और मीडिया के इस्तेमाल के नैतिक निहितार्थ सहित विभिन्न विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल थी।</p>
<p>स्वागत भाषण में एमसीएनयूजेसी की प्रशिक्षण निदेशक प्रो0 जया सुरजानी ने कार्यशाला आयोजन के उद्देश्य को रेखांकित करते हुय आधुनिक मीडिया की जटिलताओं से निपटने और इस ज्ञान को अपने छात्रों और समुदायों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए शिक्षकों को तैयार करने के महत्व पर जोर दिया।कार्यशाला में एमसीएनयूजेसी के कुलपति प्रो0 के0 जी0 सुरेश ने गलत सूचना के प्रसार का मुकाबला करने और आलोचनात्मक सोच को बढ़ावा देने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।उन्होंने कहा की शिक्षक हमारे युवाओं को डिजिटल युग की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करने में अग्रिम पंक्ति की भूमिका में हैं।यह कार्यशाला उन्हें मीडिया साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक उपकरणों से लैस करने की दिशा में एक कदम साबित होगा।</p>
<p>श्री के0 जी0 सुरेश के साथ विशेषज्ञों का एक पैनल जिसमे दीपक शर्मा,डॉ0 रामदीन त्यागी,श्री गिरीश उपाध्याय,डॉ0 मनोज पटेल,श्री आशुतोष सिंह ठाकुर,डॉ0 पी0 शशिकला और दर्शन कुमार ने मीडिया साक्षरता पर अपनी बात रखते हुय विशेषज्ञता साझा किया।उनके योगदान ने प्रतिभागियों को मूल्यवान दृष्टिकोण और व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया।कार्यशाला का समापन शिक्षकों से अपने पाठ्यक्रम में मीडिया साक्षरता को एकीकृत करने और छात्रों के बीच आलोचनात्मक सोच को बढ़ावा देने के एक आह्वान के साथ हुआ।एबीआरएसएम और एमसीएनयूजेसी ने मीडिया प्रेमी और आम नागरिकों की एक पीढ़ी बनाने के प्रयासों में शिक्षकों का समर्थन करने की अपनी प्रतिबद्धता दर्शाया।<br />
एबीआरएसएम के अतिरिक्त महासचिव प्रोफेसर नारायण लाल गुप्ता ने अपने संबोधन में सामाजिक परिवर्तन लाने में मीडिया की भूमिका की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए एबीआरएसएम के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।</p>
<p>राजस्थान क्षेत्र से बसंत जिंदल, पूरण मल लोहार, राकेश कुमार शर्मा, सतीश शर्मा उक्त कार्यशाला में उपस्थित रहे ।</p>
<p>एबीआरएसएम के राष्ट्रीय संगठन मंत्री महेंद्र कपूर ने अपने संबोधन में एबीआरएसएम की उपलब्धियों को साझा करते हुय कहा कि दो लाख से अधिक सदस्यों के साथ भारत में सबसे बड़े शिक्षक संगठन के रूप में एबीआरएसएम कार्य कर रहा है।उन्होंने आधुनिक युग मे मीडिया के कार्यप्रणाली की समझ शिक्षकों में विकसित करने जिससे राष्ट्र एवं समाज को सशक्त बनाने के कार्य को बल मिले इसको लेकर अपने विचार रखे।कार्यशाला में शामिल सभी प्रतिभागियों के बीच सहभागिता प्रमाण पत्र का वितरण कार्यशाला की समाप्ति कर किया गया।</p>
<p>सादर<br />
दर्शन भारती<br />
अखिल भारतीय मीडिया प्रमुख<br />
एबीआरएसएम</p>
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